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मंदसोर में किसानों पर फायरिंग की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा दें शिवराज सिंह चौहान

मध्यप्रदेश के मंदसौर में जारी किसानों के प्रदर्शन और आंदोलन के दौरान पुलिस ने गोलीबारी कर दी जिसमें मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार चार किसानों की मौत की खबर है और कई अन्य के घायल होने की, आम आदमी पार्टी पुलिस की इस बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करती है। आम आदमी पार्टी का मानना है कि एक कृषि प्रधान देश की सरकार को किसानों की बात को हर हाल में सुनना चाहिए बजाए इसके कि किसानों पर गोलीबारी के।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एंव मध्यप्रदेश के प्रभारी गोपाल राय ने कहा कि 'देश के किसानों पर पुलिस की यह बर्बरता भारतीय जनता पार्टी की किसान विरोधी मानसिकता को दर्शाती है, भाजपा ने चुनाव के वक्त यह वादा किया था कि वो स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार किसानों को उनकी लागत में 50 प्रतिशत मुनाफ़ा जोड़कर मूल्य देगी लेकिन भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीतने के बाद अपने वादे को भूल गई और देश के किसानों से धोख़ा किया' 
'किसानों पर हुई इस बर्बरता की जवाबदेही प्रदेश के मुख्यमंत्री की है जिसके लिए उन्हें अपने पद से इस्तीफ़ा देना चाहिए और मुख्यमंत्री पर किसानों की हत्या का मुकदमा दर्ज़ होना चाहिए इसके साथ ही देश के प्रधानमंत्री को पूरे देश से और विशेषकर किसानों से माफ़ी मांगनी चाहिए।'
मंदसौर में किसानों पर हुए हमले में केंद्र की सत्ता में बैठी भारतीय जनता पार्टी की किसान विरोधी मानसिकता का परिचय मिलता है। आम आदमी पार्टी की मांग है कि पुलिस की गोलीबारी में मारे गए आंदोलन कर रहे किसानों के परिवारों की पूरी ज़िम्मेदारी लेते हुए बीजेपी सरकार उन परिवारों का ध्यान रखे और किसानों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर सुनते हुए किसानों की मांगों को माना जाए। 

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